राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर एवं पेंशनरों की संयुक्त एक्शन कमेटी की हमीरपुर इकाई ने कमेटी के संयोजक ई. लोकेश ठाकुर एवं सह संयोजक हीरा लाल वर्मा को चार्जशीट करने का विरोध किया। इसे प्रबंधन वर्ग की ओर से प्रताड़ना की भावना से ट्रेड यूनियन के अधिकारों पर बड़ा हमला बताया है। हमीरपुर में प्रेस वार्ता में संयुक्त एक्शन कमेटी के जिला संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा, बिजली पेंशनर फोरम के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने बताया कि यदि चार्जशीट को वापस नहीं लिया जाता है तो शिमला में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य पदाधिकारियों की बैठक 20 जुलाई को हमीरपुर में हुई थी। बिजली बोर्ड़ में पनप रहे भ्रष्टाचार पर चर्चा हुई और इस पर रोक लगाने की मांग की गई थी। कमेटी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बोर्ड में चल रहे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए भ्रष्ट अधिकारियों को बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखाया जाए। चार्जशीट को तुरंत वापस लेकर उनके कार्यालयों की पहले वाली स्थिति को बहाल की जाए। बोर्ड के कार्यस्थलों में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन पर लगाई गई रोक को तुरंत वापस लिया जाए। जिला पंचायत के माध्यम से उठाई गई मांगों पर बैठक कर शीघ्र हल करने की भी मांग की गई। प्रबंधन वर्ग को दो हफ्ते का नोटिस दिया है। यदि प्रबंधन वर्ग कार्यालय आदेशों को वापस नहीं करता और मांगों पर वार्ता के लिए नहीं बुलाया जाता है तो 7 अगस्त को इन आदेशों के खिलाफ शिमला में हजारों कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर्स और आउटसोर्स कर्मचारी विशाल प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान दिलीप सिंह, विजय शर्मा, अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।