राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आज विजयादशमी के पावन अवसर पर अपना स्थापना दिवस हमीरपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया। गौरतलब है कि विजयादशमी के दिन ही वर्ष 1925 में संघ की स्थापना हुई थी और तभी से संघ लगातार इस दिन को उत्सव के रूप में मनाता चला आ रहा है। इस बार का स्थापना दिवस विशेष महत्व रखता है क्योंकि संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है।संघ के प्रचार प्रमुख प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह शताब्दी वर्ष का आरंभिक पड़ाव भी है। उन्होंने कहा कि 2025 की विजयादशमी से लेकर 2026 की विजयादशमी तक पूरे एक वर्ष तक संघ शताब्दी वर्ष के अंतर्गत विविध कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस अवसर पर आज हमीरपुर में विशेष परिक्रमा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए और अनुशासनबद्ध तरीके से नगर भ्रमण कर समाज में संगठन और सेवा का संदेश दिया। वहीं प्रताप सिंह ने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को संगठित करना और राष्ट्रहित के कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित करना है। शताब्दी वर्ष के दौरान समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और सेवा कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में संघ के विभिन्न सेवा कार्यों का विस्तार करने पर विशेष बल रहेगा।स्थापना दिवस के अवसर पर हमीरपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने पारंपरिक गणवेश में मार्च पास्ट किया और विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि यह दिन असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है और संघ इसी भावना के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य करता है।