उपमंडल नादौन के तहत भड़ोली भगोर गोधाम गोशाला में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा व्यास राजेंद्र संख्यान ने भगवान प्रहलाद के चरित्र का दिव्य वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब राजा परीक्षित ने श्री सुखदेव भगवान से प्रश्न किया कि भगवान समदर्शी हैं तो फिर देवताओं का पक्ष क्यों लेते हैं। दैत्यों को क्यों मार देते हैं। तब सुखदेव जी ने उत्तर दिया कि भगवान किसी को मारते नहीं, भगवान तो तारते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवतगीता में भी भगवान स्पष्ट रूप से कहते हैं कि जो जैसा भाव भगवान के प्रति रखता है, भगवान उसके प्रति वैसा ही व्यवहार करते हैं। देवता भगवान को अपना रक्षक मानते हैं। इसलिए भगवान उनकी रक्षा करते हैं। दैत्य उन्हें शत्रु मानते हैं, इसलिए उन्हें वैसा ही फल प्राप्त होता है।