फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur: लाहलड़ी निवासी प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ने गत वर्ष 150 पौधों की उगाई थी पौध

गर्म क्षेत्रों में में पैदा होने वाले मोरिंगा सहजन पौधे को लाहलड़ी गांव के प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ने घर पर गमले में तैयार कर लिया है। गमले में लगाए गए इन पौधों में अब फूल और ड्रमस्टिकस लग गई हैं। एक वर्ष पूर्व लाहलड़ी निवासी प्रगतिशील किसान परविंद्र कुमार ने 150 पौधों की पौध उगाई थी। काफी समय तक देखरेख करने के बाद उन्होंने यह सफलता प्राप्त की है। जिसके चलते हर कोई पौधों पर लगी हुई ड्रमस्टिकस को देख हैरान है। वर्तमान में बाजार में ड्रमस्टिक की कीमत सौ ढाई रूपये प्रति किलो है। डिमांड अधिक होने के कारण कुछेक दुकानों में ही सब्जी मिल पाती है। मोरिंगा पौधे के फूल से लेकर पतों का भी स्वास्थ्य के लिए प्रयोग किया जाता है। जिसके चलते यह पौधा पूरी तरह से आयुर्वेदिक माना जाता है। किसान परविंद्र कुमार ने बताया कि मोरिंगा के पौधे पिछले साल लगाए थे और गमले में पौधों का कार्यकाल सफल रहा। इसबार भी 70 पौधे लगाए हुए है। मोरिंगा की बाजार में भी काफी डिंमाड है। बाजार में ड्रमस्टिकस की अच्छी कीमत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पौधा आमतौर पर मौसम के अनुसार गर्म क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। हिमाचल में तापमान कम होने के कारण पौधा कम ही चलता है। ऐसे में गमले में पौधे की अच्छी पैदावार को लेकर विशेष ध्यान रखा गया। जिसके उपरांत यह सफलता प्राप्त हुई है। मोरिंगा सहजन के पत्ते विटामिन ए, सी और आयरन से भरपूर होते हैं जो एक स्वस्थ और सक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं। इसलिए रोजाना 10 से 12 मोरिंगा के पत्ते खाने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है। इसके अलावा त्वचा चमकदार बनाने और बालों को मजबूत बनाने में काफी सहायता करता है। वहीं इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भूरपूर मात्रा में होते हैं, जोकि चोट, सूजन को कम करने में सहायता करते हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें