प्रदेश में नशे के खिलाफ सरकार ने कमर कस ली है। नशा निवारण बोर्ड अब पंचायतों से लेकर स्कूली स्तर तक पहुंच कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा। यह बात हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के संयोजक नरेश ठाकुर ने कही। हमीरपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे, विशेषकर चिट्टे के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़ रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि चिट्टे के खिलाफ सूचना देने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा इनाम की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग पुलिस का सहयोग कर सकें। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नरेश ठाकुर ने कहा कि नशा निवारण बोर्ड पंचायत स्तर और स्कूली स्तर पर पहुंच कर युवाओं को नशे की कुरीतियों के प्रति जागरूक करेगा। इसके लिए शिक्षण संस्थानों के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से स्कूली पाठ्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों को शामिल करने का सुझाव दिया जाएगा, ताकि बच्चों को कम उम्र से ही नशे के प्रति सचेत किया जा सके। नरेश ठाकुर ने बताया कि नशे के तस्करों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जा रहा है, जो नशे के नेटवर्क को तोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया जाएगा और नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी