विश्व प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर के महंत श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्र गिरी महाराज ने न्यास प्रबंधन में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया, जिसमें कहा कि मंदिरों का पैसा मंदिरों पर ही खर्च हो। दियोटसिद्ध में प्रेसवार्ता के दौरान न्यास प्रशासन प्रबंधन पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि न्यास में मंदिर अधिकारी की स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है। बीते कई वषों से मंदिर अधिकारी के पास अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण मंदिर प्रबंधन को लेकर समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में एक आईएएस या इस स्तर के अधिकारी की नियुक्ति होनी चाहिए, जिससे मंदिर में उच्च स्तर का प्रबंध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रबंधन में कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाई जाती रही हैं। शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार गिर रही है। न्यास प्रशासन को चाहिए कि व्यवसाय कोर्स चलाकर समस्या से निजात मिल सके। महंत ने सरकार से मांग की कि न्यास गठन में क्षेत्र के बुद्धिजीवी व्यक्तियों को शामिल किया जाए। न्यास प्रशासन को मंदिर की ओर खास ध्यान देना चाहिए, ताकि मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सके।