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Hamirpur: एडीसी अभिषेक गर्ग बोले- मनरेगा में शामिल करें 65 फीसदी कृषि और इससे संबंधित कार्य

अंकेश डोगरा Updated Wed, 18 Jun 2025 05:16 PM IST

एडीसी अभिषेक गर्ग ने जिला के सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि मनरेगा के कार्यों में कम से कम 65 प्रतिशत कार्य कृषि एवं इससे संबंधित गतिविधियों के होने चाहिए। बुधवार को यहां डीआरडीए के हॉल में ग्रामीण विकास, पंचायतीराज और योजना विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने कहा कि इस वित्त वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान जिला में मनरेगा के माध्यम से लगभग 7.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें मैटिरियल के खर्च की एंट्री पूरी होने के बाद यह व्यय राशि दोगुणा से भी अधिक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में मनरेगा से करवाए गए 98.73 प्रतिशत कार्यों की जियो-टैगिंग भी की जा चुकी है। मनरेगा कनवर्जेंस से 49 आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य आरंभ करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय स्थापित करें। वित्त वर्ष 2024-25 में जिला में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2041 मकानों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया था। इनमें से 1910 को मंजूरी दी जा चुकी है तथा 359 का निर्माण भी कर दिया गया है। जिला के सभी छह ब्लॉकों में एक-एक प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संयंत्र लगाया गया है, जिनके लिए 96 लाख रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी बीडीओ इनका अध्ययन करें और अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन के लिए एक प्रभावी प्रणाली विकसित करने पर जोर दें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकों की ऋण योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए। इस वर्ष 760 स्वयं सहायता समूहों को लगभग 11.20 करोड़ रुपये ऋण के प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है। इनके उत्पादों की ब्रांडिंग एवं ऑनलाइन मार्केंटिंग की संभावनाएं तलाशें। खाद्य प्रसंस्करण कार्यों के लिए जिला के विभिन्न समूहों को पीएमएफएमई योजना के तहत लगभग 5.42 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। जिला में नई हिमईरा शॉप खोलने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। एडीसी ने 15वें वित्त आयोग और योजना विभाग के माध्यम से मंजूर किए गए विकास कार्यों को भी अतिशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिला की 248 पंचायतों को 15वें वित्त आयोग के तहत 75.49 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिनमें से लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 19 पंचायत घरों एवं सामुदायिक केंद्रों के लिए 3.72 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस अवसर पर डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर ने विभिन्न योजनाओं और कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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