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Hamirpur: बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में एक घंटे तक उपचार के लिए तड़फती रही महिला श्रद्धालु

प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बीच रास्ते में महिला उपचार के लिए तड़पती रही लेकिन एक घंटे के बाद 25 वर्षीय युवती को उपचार मिल पाया। आपात स्थिति में युवती के परिजनों ने सीपीआर देकर उसकी जान बचाई। मंदिर के लोअर बाजार में दोपहर के समय दर्शनों के लिए आई एक महिला श्रद्धालु अचानक अचेत होकर नीचे गिर गई। परिजनों ने श्रद्धालुओं के सहयोग से युवती को किनारे लेकर जाकर डिस्पेंसरी में एंबुलेंस के लिए फोन किया लेकिन अप्पर बाजार से एंबुलेंस और चिकित्सक को आने में आधे घंटे से अधिक समय लग गया। युवती रणजीत कौर उम्र 25 वर्ष निवासी होशियार पुर को परिजन बड़ी देर तक खुद ही सीपीआर देते रहे। परिजनों को पता नहीं चल रहा था कि आखिर किससे मदद की गुहार लगाएं। जब एंबुलेंस आने में काफी देरी हो रही थी तो परिजनों ने आपात स्थिति में कई स्थानीय टैक्सी चालकों से मदद की गुहार लगाई गई लेकिन मदद नहीं मिल पाई। युवती के परिजनों का कहना है कि टैक्सी चालकों को मदद के लिए पूछा गया कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। आधे घंटे के बाद के बाद चिकित्सक न्यास की एंबुलेंस में महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद बड़सर अस्पताल ले गए। बड़सर अस्पताल में महिला का उपचार चल रहा है। विश्व प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध के अप्पर बाजार में लंगर हॉल के साथ ही डिस्पेंसरी की सुविधा है। वहीं लोअर बाजार में केवल चैत्र मास मेलों के दौरान ही चिकित्सक को तैनात किया जाता है। शेष अन्य दिनों में चिकित्सक केवल अप्पर बाजार में ही होता है। ऐसे में आपात स्थिति में मरीजों अक्सर डेढ़ किलोमीटर दूर अप्पर बाजार से चिकित्सक को बुलाना पड़ता है। वहीं, मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने बताया कि महिला श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही डिस्पेंसरी में तैनात चिकित्सक और फार्मासिस्ट को मौके पर भेज दिया गया है। महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद बड़सर अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।

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