बच्चों में कुपोषण रोकने के लिए भोरंज में चल रहे पोषण हस्तक्षेप कार्यक्रम की समीक्षा को लेकर उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने गुरुवार को मिनी सचिवालय में माताओं से संवाद किया। इस दौरान रागी पाउडर के उपयोग और बच्चों की प्रतिक्रिया पर फीडबैक लिया गया। कार्यक्रम में छोटे बच्चों की माताओं सहित कुल 55 महिलाओं ने भाग लिया। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि पोषण हस्तक्षेप अभियान के तहत भोरंज में छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी के पाउडर का वितरण आरंभ किया गया है। इन बच्चों की माताओं से रागी पाउडर के उपयोग, बच्चों की प्रतिक्रिया, प्राप्त अनुभवों एवं सुझावों के मद्देनजर ही यह संवाद सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान कई माताओं ने रागी पाउडर के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बच्चों के पोषण में इसके उपयोग को जारी रखने पर सहमति जताई। उपायुक्त ने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के अधिक से अधिक प्रयोग तथा अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित होम विजिट करने व रागी पाउडर से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम भोरंज शशि पाल शर्मा ने कहा कि रागी पाउडर से संबंधित पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोरंज का चयन किया जाना बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संवाद सत्र में बाल विकास परियोजना अधिकारी सुजानपुर कुलदीप चौहान, बाल विकास परियोजना अधिकारी भोरंज सुनील कुमार, तहसीलदार डॉ आशीष शर्मा, वृत्त पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं भी उपस्थित रहीं।