डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में साइबर खतरों से निपटने के लिए तकनीकी दक्षता, जागरूकता और नवीनतम सुरक्षा उपकरणों की जानकारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू, हमीरपुर में ‘साइबर सुरक्षा: ट्रेंड्स, टूल्स एंड एप्लीकेशंस’ विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू हुआ। यह कार्यक्रम एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निंग के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न एआईसीटीई मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों, बहुतकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों के 31 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें फैकल्टी सदस्य और शोधार्थी शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन एनआईटी हमीरपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राजीवन चंदेल ने किया। उन्होंने डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तेजी से बदल रहे साइबर खतरों का सामना करने के लिए तकनीकी दक्षता और जागरूकता के साथ नवीनतम साइबर सुरक्षा उपकरणों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। एनआईटी हमीरपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. टीपी शर्मा ने समकालीन साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल प्रणालियों और महत्वपूर्ण सूचनाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने कहा कि यह फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के नवीनतम रुझानों, उपकरणों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।