बरसात शुरू होते ही हमीरपुर के बड़सर स्थित एनएच-503ए (मैहरे-ऊना मार्ग) पर जल निकासी व्यवस्था की खामियां एक बार फिर सामने आ गई हैं। सड़क पर जलभराव होने से वाहन चालकों, राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। बारिश का पानी सड़क पर जमा होने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, वहीं कई दुकानों में भी पानी घुसने से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सिविल अस्पताल बड़सर से करीब 500 मीटर पीछे स्थित मोड़ पर हर बारिश के दौरान यही स्थिति बन जाती है। पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण वर्षा का पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा रहता है। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर जमा पानी बहकर उनकी दुकानों के भीतर पहुंच जाता है, जिससे सामान खराब होने और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है और संबंधित विभाग को कई बार शिकायतें देने के बावजूद अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष विभागीय अधिकारी निरीक्षण तो करते हैं और समस्या के समाधान का आश्वासन भी देते हैं, लेकिन बरसात शुरू होते ही हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। जलभराव के कारण सड़क की प्रभावी चौड़ाई भी कम हो जाती है, जिससे बड़े वाहनों के गुजरने में दिक्कत होती है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के पहियों से उछलता पानी राहगीरों और दुकानदारों पर गिरता है, जिससे उन्हें भी परेशानी होती है। वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलन के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि एनएच-503ए पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि हर बरसात में लोगों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके और सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो।