वन विभाग कार्यालय धर्मशाला में शुक्रवार को कंजरवेटर बासु कौशल की अध्यक्षता में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के बेहतर विकास और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में नए इको-टूरिज्म स्थलों की पहचान कर उन्हें विकसित करने की योजना पर विचार किया गया। साथ ही मौजूदा पर्यटन स्थलों पर ट्रैकिंग रूट, नेचर ट्रेल और कैंपिंग साइट विकसित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके अलावा इको-टूरिज्म गतिविधियों के संचालन के लिए ऑपरेटरों के चयन और टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा भी बैठक का अहम हिस्सा रही। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पर्यटन से होने वाली आय में स्थानीय लोगों और पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले। बैठक में जंगलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने इको-टूरिज्म के विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में वन विभाग और वन निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।