उपमंडल धर्मशाला के समीप ग्राम पंचायत सोकणी का कोट में स्थित प्राचीन अघंजर महादेव मंदिर की देखरेख को लेकर विवाद गरमा गया है। इस मामले को लेकर मंदिर कमेटी और संत समाज आमने-सामने है। मंदिर कमेटी इस मंदिर की देखरेख खुद अपने हाथ में लेना चाहती है। मंदिर कमेटी का यह भी कहना है कि अगर कमेटी को देखरेख का जिम्मा नहीं मिलता है तो सरकार इस मंदिर को अपने अधीन ले। ताकि मंदिर में श्रद्धालुओं खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वहीं दूसरी तरफ मंदिर के महंत व साधु संत सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार मंदिर की देखरेख अपने हाथों में चाहते हैं। इस विवाद के बढ़ने के कारण मंदिर परिसर में करीब 40 साधु-संतों और आसपास के पंचायतों के लोगों व महिला मंडलों की महिलाओं ने एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें सर्व सहमति से इस मंदिर की देखरेख पूर्व की भांति साधु-संतों के हवाले ही रहने देने का निर्णय लिया गया। अघंजर महादेव मंदिर कमेटी के प्रधान सुभाष महाजन, उपप्रधान सुभाष चंद व रामस्वरूप और महासचिव महेंद्र अवस्थी का कहना है कि कुछ वर्ष पहले जब मंदिर कमेटी बनी थी तो कमेटी ने महंत करणगिरि को भी कमेटी का सदस्य चुना और मंदिर की पूजा-अर्चना का कार्य सौंपा गया। लेकिन महंत ने कुछ आसामजिकतत्वों को यहां पर संरक्षण दिया हुआ है।