अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला-2026 के शुभारंभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल चंबा की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं से रूबरू हुए। ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित स्वागत समारोह में पारंपरिक चंबयाली वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सामूहिक नाटी प्रस्तुत कर जिले की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों पर प्रस्तुत नाटी ने राज्यपाल, अन्य अतिथियों और बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान चौगान मैदान में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और मेले की ऐतिहासिक परंपराओं की झलक विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखाई दी। राज्यपाल ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि चंबा की सांस्कृतिक धरोहर हिमाचल प्रदेश की अमूल्य पहचान है। उन्होंने स्थानीय लोक कला, रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखने के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएं आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान राज्यपाल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। मिंजर मेले की ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम ने स्थानीय संस्कृति, लोक कला और चंबा की समृद्ध विरासत को देश-विदेश से आए लोगों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।