सुंदरनगर झील से शुक्रवार को सतलुज नदी में पानी छोड़ा गया। झील में पानी का स्तर ज्यादा होने के बाद इसे सतलुज में छोड़ा जाता है। इसके बाद बिलासपुर और मंडी सीमा पर सलापड़ में सतलुज नदी में पानी गिरता है। पानी का प्रवाह इतना तेज होता है कि यह सतलुज नदी के दूसरे छोर यानी सलापड़ पुल से बिलासपुर के हरनोड़ा के लिए बनी सड़क तक पहुंचता है। इस विशाल फव्वारे को इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। शुक्रवार को 12 से 12:30 बजे तक पानी छोड़ा गया। इस दौरान यहां विशाल फव्वारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।