अधिवक्ता अधिनियम 1961 में किए गए संशोधन के विरोध में 3 और 4 मार्च को प्रदेश भर में अधिवक्ता कोर्ट के काम नहीं करेंगे। बिल के विरोध में रविवार को बिलासपुर में राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अधिवक्ता संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। हालांकि उच्च न्यायालय के कार्य के बहिष्कार को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। संयुक्त संघर्ष समिति के राज्य अध्यक्ष लेखराम नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से किए गए संशोधन में अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी है। इस अधिनियम के विरोध में अधिवक्ताओं ने पहले जिला स्तर की एक संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया। अब राज्य स्तरीय समिति गठित की गई है, जो केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी। अध्यक्ष लेखराम नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जो संशोधन किया गया है, उसे लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मसले को लेकर अवगत भी करवाया गया है।