मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के घुमारवीं के एक दिवसीय दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के योगदान पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने हिमाचल प्रदेश को आखिर क्या दिया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते तीन वर्ष में प्रदेश में लगभग सभी विकास कार्य ठप पड़े हैं। यदि केंद्र सरकार की सहायता न मिले तो प्रदेश सरकार कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने की स्थिति में भी नहीं होगी। यह स्थिति प्रदेश की आर्थिक बदहाली को दर्शाती है। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने अपने फैसलों को आंवले की तरह बताया था। जयराम ठाकुर ने कहा कि भविष्य की बातें करना आसान है, लेकिन वर्तमान में प्रदेश की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यदि सरकार के फैसले सही हैं और हालात ठीक हैं, तो आज कर्मचारी और पेंशनर सड़कों पर उतरकर आंदोलन क्यों कर रहे हैं। प्रदेश में चारों ओर तबाही और बर्बादी का माहौल है। विधानसभा में शायद ही कोई ऐसा विधायक हो, जिस पर कोई मामला दर्ज न हो। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर वे प्रदेश को किस दिशा में लेकर जा रहे हैं। कहा कि घुमारवीं में मुख्यमंत्री ने सभी शिलान्यास और उद्घाटन किए वो भाजपा सरकार की देन हैं। ये योजनाएं भाजपा के कार्यकाल में स्वीकृत हुई थीं और उन्हीं दिनों कार्य भी शुरू हुआ था। अब जब वे कार्य पूरे हो चुके हैं, तो वर्तमान सरकार उद्घाटन कर उनका श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज प्रदेश में मुख्यमंत्री के पास तीन ऐसी योजनाएं भी नहीं हैं जिन्हें जनकल्याणकारी कहा जा सके, न ही ऐसे तीन फैसले हैं जिनसे आने वाले समय में प्रदेश का भला हो। तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद सरकार के पास ऐसा कोई ठोस कार्य नहीं है, जिसे किसी मंच से गर्व के साथ प्रस्तुत किया जा सके।