तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने ग्राम पंचायत घंडालवीं में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में भाग लेकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और सामाजिक कल्याण से जुड़ी कुल 25 शिकायतें और मांगें सुनीं। अधिकांश समस्याओं का समाधान मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा किया गया। मंत्री धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य जन-संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन को धरातल पर उतारना है। सरकार गांव के द्वार जैसे कार्यक्रम इसी सोच को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं, जहां आम लोगों को अपनी बात सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। ग्रामीणों से अपील की कि वे सामाजिक समरसता, सहयोग और भागीदारी की भावना से विकास कार्यों में सहभागिता निभाएं ताकि गांवों में स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। मंत्री ने भारतीय सेना के शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों का बलिदान अविस्मरणीय है। उन्होंने ग्रामीणों से भारत सरकार की एडवाइजरी के तहत गैर-जरूरी बिजली उपकरण बंद रखने की अपील की। धर्माणी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिए गए जनहितकारी निर्णयों की जानकारी भी ग्रामीणों को दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने सुख आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट का दर्जा देकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया है। बेटियों को परिवार की एक स्वतंत्र इकाई मानते हुए उन्हें समान अधिकार देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रधान सरला चौहान, एसडीएम गौरव चौधरी, डीएसपी चंद्रपाल सिंह, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक केएल शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।