महिला का सबसे बड़ा गुण उसकी कोमलता होती है, इस गुण को अपनी ताकत बनाना चाहिए। यह बात खंड विकास अधिकारी सदर बबीता धीमान (एचएएस) ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिलासपुर में आयोजित अपराजिता 100 मलियिन स्माइल्स कार्यक्रम में कही। बबीता धीमान ने कार्यक्रम की शुरूआत गीता के श्लोक के साथ की। उन्होंने महिला प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया और उन्हें जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते हैं। उनके संघर्षों के परिणाम हमारी सफलता पर निर्भर करते हैं। हम कोई भी प्रयास करें, वह पूरी ईमानदारी से हो और मन से हो। जो लोग पूरी ईमानदारी से प्रयास करते हैं, वह परिणाम की चिंता नहीं करते। कहा कि सभी के लिए सफलता की परिभाषा अलग है। उन्होंने अपने सफर को प्रशिक्षुओं के साथ साझा किया और बताया कि किस प्रकार उन्होंने एचपीएएस की परीक्षा की तैयारी की और उसे पास किया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने उन्हें अपने लक्ष्य के बारे में बताया, जिस पर बीडीओ ने उनका मार्गदर्शन किया। बीडीओ ने कहा प्रशिक्षुओं से कहा कि वह मन में कभी की झिझक न रखें। अपने उद्देश्य को पाने के लिए अपनी 100 फीसदी कोशिश करें, मंजिल मिले न मिले लेकिन पछतावा नहीं रहेगी कि हमने कोशिश भी नहीं की। अपनी बात को हमेशा पूरे आत्मविश्वास के साथ सभी के समक्ष रखें। महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहे और हमेशा कुछ नया सीखने का प्रयास करें। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि यदि उन्हें कभी भी करियर को लेकर कोई सलाह चाहिए होगी, तो वह उनके कार्यालय आ सकती हैं और उनसे संपर्क कर सकती हैं। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने प्रशिक्षुओं को संदेश दिया कि जब भी आगे बढ़ने का मौका मिले तो उस मौके को खोना नहीं चाहिए। पूरी मेहनत के साथ जब प्रयास किया जाता है तो भगवान भी उसमें सहायता करते हैं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि महिला आईटीआई प्रधानाचार्य ओंकार सिंह ने कार्यक्रम के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताया। साथ ही बीडीओ बबीता धीमान का भी आभार जताया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस मौके पर कनिका गुप्ता और सुषमा देवी मौजूद रहे।