भल्लू पुल के समीप 7 अक्तूबर को हुई बस दुर्घटना की जांच एडीसी बिलासपुर की अध्यक्षता में की जाएगी। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें झंडूता एसडीएम, डीएसपी, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता तथा आरटीओ सदस्य होंगे। समिति को 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत राशि पहले ही वितरित की जा चुकी है। साथ ही 4 लाख रुपये की राहत राशि के प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर निपटाकर सहायता जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए हैं। कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, क्यूआरटी, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की लगभग 100 सदस्यों की टीम मौके पर भेजी गई। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय अधिकारी भी बचाव कार्य में मौजूद रहे। पहले दिन के सर्च ऑपरेशन में 16 शव बरामद किए गए, जबकि दो बच्चों को जीवित बचा लिया गया। उन्होंने बताया कि सर्च अभियान के दौरान किसी अन्य संभावित लापता व्यक्ति की जानकारी हेतु मीडिया, सोशल मीडिया और वीडियो संदेशों के माध्यम से सूचना जारी की गई, लेकिन कोई अतिरिक्त लापता व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद 8 अक्तूबर को दोपहर बाद सर्च ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया। पुष्टि की कि हादसे के समय बस में 18 यात्री सवार थे। यह निजी बस मरोतन से घुमारवीं जा रही थी, जो भूस्खलन की चपेट में आकर भल्लू पुल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।