ठंड बढ़ने के साथ क्षेत्र में विदेशी परिंदों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। हर वर्ष प्रवासी पक्षी हथिनी कुंड बैराज पर देखे जाते थे, लेकिन बोटिंग शुरू होने से बैराज पर शोर अधिक होने लगा है, जिस कारण प्रवासी पक्षियों ने अपना ठिकाना बदल लिया है। जिसके बाद अब विदेशी मेहमान देवधर व अन्य जगहों पर बने खनन के गड्ढों में भरे पानी व अन्य तालाबों में देखे जा रहे हैं। मंगलवार को देवधर, भूड़कलां समेत कई स्थानों पर दर्जनों की संख्या में प्रवासी मेहमान तैरते देखे गए।बता दें कि हर वर्ष की तरह इस बार भी ठंड बढ़ने से चीन व दक्षिण यूरोपीय देशों के पक्षियों की चहचहाट सुनाई देने लगी है। इन विदेशी पक्षियों में चीन, साइबेरिया व दक्षिणी यूरोप समेत अन्य ठंडे देशों के पक्षी शामिल होते हैं। वहां इन दिनों अधिक ठंड होती है। ठंड से बचने के लिए यह पक्षी मैदानी इलाकों की झीलों में अपने दिन गुजारते हैं। इन दिनों कलेसर, देवधर, भूडकलां,ताजेवाला, दादूपुर हेड व अराइयांवाला समेत कई जगहों पर विदेशी पक्षियों के झुंड दिखाई दे रहे हैं।