हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यमुनानगर में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली तथा पुलिस लाईन में शहीदी स्मारक पर जाकर शहीदों को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों, शहीदों के परिवारों, बुजुर्गों, माताओं-बहनों, युवाओं, बच्चों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस बल, एनसीसी, एनएसएस, स्कूली विद्यार्थियों, पत्रकारों एवं जिले के गणमान्य नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। कैबिनेट मंत्री ने गणतंत्र दिवस में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को मिठाई व उपहार देने के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने 27 जनवरी की छुट्टी की घोषणा की। अपने प्रेरणादायी संबोधन में श्री अनिल विज ने कहा कि आज का दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, जिसने देश को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मजबूत स्तंभ प्रदान किए। इसी संविधान ने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। ऊर्जा मंत्री ने संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम और दूरदर्शिता के कारण ही आज देश का लोकतांत्रिक ढांचा मजबूत और जीवंत है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, लाला लाजपत राय, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।