कारोबारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। कारोबारी को अमेरिका से फोन कर रंगदारी मांगी थी। अमेरिका की पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके इनपुट पर यमुनानगर पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को काबू किया। जबकि तीन सदस्य अभी फरार है। पुलिस का कहना है कि एक आरोपी ने कारोबारी की रेकी की थी। जबकि, एक ने गैंग के सदस्यों को पनाह दी थी। दोनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। डीएसपी राजेश कुमार के मुताबिक, बिलासपुर निवासी कारोबारी शिवकुमार को 19 दिसंबर को फोन कर लारेंस व गोल्डी गैंग के नाम पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। कारोबारी की शिकायत पर बिलासपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस लगातार मामले की छानबीन कर रही थी। सोमवार को पुलिस को एक इनपुट मिला था। इनपुट के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों हरमीत सिंह उर्फ रमन निवासी खानपुर व हर्ष निवासी मानकपुर थाना छछरौली यमुनानगर को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद रंगदारी के मामले का खुलासा हुआ। डीएसपी राजेश कुमार के मुताबिक, रंगदारी मांगने वाले बदमाश पेशेवर अपराधी है। छछरौली थाना क्षेत्र के गांव बलाचौर निवासी गौरव व सौरभ और ताहरी गांव निवासी गुरमीत सिंह एक अन्य साथी के साथ अमेरिका में हैं। अमेरिका से ही उन्होंने 19 नवंबर को कारोबारी को फोन कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। यमुनानगर में भी गैंग के कुछ सदस्यों के नाम सामने आए थे। जिनमें से दो हर्ष और हरमीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, हर्ष ने कारोबारी की रेकी की थी। जबकि, हरमीत सिंह ने आरोपियों को पनाह दी थी। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। उनके फरार साथियों की तलाश की जा रही है। अमेरिका में हुई हत्या में गिरफ्तार हुए गैंग के तीन सदस्य डीएसपी राजेश ने बताया कि गैंग ने 22 अक्टूबर को अमेरिका में ही अंबाला निवासी कुलदीप की हत्या की थी। जिसमें गौरव, सौरभ, गुरमीत व एक अन्य सदस्य का नाम सामने आया था। 19 दिसंबर को उन्होंने रंगदारी का फोन किया था। जबकि, 20 दिसंबर को अमेरिका की इंडियाना पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके इनपुट पर ही पुलिस ने कार्रवाई की है। लारेंस और गोल्डी गैंग से लिंक की तलाश पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में गैंग का लारेंस और गोल्डी गैंग से लिंक सामने नहीं आया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। जिसके बाद आरोपियों का गैंग से क्या संबंध है उसकी जांच होगी।