यमुनानगर में बुधवार सुबह घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। शहर और आसपास के इलाकों में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता घटकर मात्र 30–40 प्रतिशत रह गई। सड़कों पर हालात ऐसे हो गए कि वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से, रेंग-रेंग कर चलना पड़ा। खासकर हाईवे, लिंक रोड और शहर के बाहरी हिस्सों में स्थिति ज्यादा गंभीर रही। सुबह के समय स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर वाहन चालकों ने एहतियात के तौर पर हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर सफर किया। कोहरे के कारण बसों और निजी वाहनों की रफ्तार काफी कम रही, जिससे जगह-जगह जाम जैसी स्थिति बनती नजर आई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कत हुई, क्योंकि सामने से आने वाले वाहनों का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था। कोहरे का असर रेलवे और सार्वजनिक परिवहन पर भी देखने को मिला। कुछ ट्रेनों के देरी से चलने की आशंका जताई जा रही है, वहीं रोडवेज बसें भी तय समय से देरी से अपने गंतव्य पर पहुंचीं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत में ठंडी हवाओं और नमी के कारण आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा बने रहने की संभावना है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा जरूरी हो तो पूरी सावधानी बरतें। कम गति में वाहन चलाएं, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और फॉग लाइट का प्रयोग करें। मौसम साफ होने तक सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।