यमुनानगर रोडवेज बस स्टैंड पर मंगलवार को एक मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया, जब महिला पुलिस कर्मचारी और थाना प्रभारी ने बस परिचालक नरेंद्र कुमार के साथ मारपीट कर दी। ड्राइवर रामफल भी मौके पर मौजूद थे। घटना के दौरान बस में सवार यात्रियों ने बताया कि महिला पुलिस कर्मचारियों के परिजनों को बस स्टैंड छोड़ने के लिए उनकी बाइक आई थी। चालक-पारिचालक ने बाइक को साइड में लगाने को कहा, तो वर्दी का रौब दिखाते हुए हाथापाई शुरू हो गई। परिचालक का गला पकड़कर उसे बस में धकेल दिया गया। हंगामे के बाद यूनियन के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दे दिया, जिससे बस स्टैंड पर यात्रियों को भारी परेशानी हुई। विवाद की शुरुआत: बाइक पार्किंग पर हुआ झगड़ा रोडवेज बस स्टैंड पर ड्यूटी पर तैनात परिचालक नरेंद्र कुमार और ड्राइवर रामफल अपनी बस से सवार उतार रहे थे। इसी दौरान दो महिला पुलिस कर्मचारियों के परिजन बाइक पर बस स्टैंड पहुंचे। चालक रामफल ने बाइक को साइड में हटाने को कहा ताकि बस का रास्ता साफ रहे। लेकिन महिला पुलिस कर्मचारियों ने वर्दी का हवाला देते हुए ना सिर्फ इनकार किया, बल्कि परिचालक नरेंद्र कुमार से उलझ पड़ीं। प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के अनुसार कि महिला सिपाहियों ने तुरंत गुस्सा दिखाया और कहा कि हमारी वर्दी है, कोई सवाल नहीं कर सकता।" इसके बाद हाथापाई शुरू हो गई। एक महिला पुलिस कर्मचारी ने नरेंद्र का गला पकड़ लिया और उसे जबरन बस में धकेल दिया। ड्राइवर रामफल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी धमकी दी गई।थाना प्रभारी की दखल, फिर भी हंगामा बरकरार मौके पर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह पहुंचे और मामले को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन तब तक रोडवेज यूनियन के सदस्यों को खबर लग चुकी थी। वे आक्रोशित होकर जमा हो गए और प्रशासन व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।