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VIDEO : नवंबर में 12000 एमटी खाद की जरूरत, चरखी दादरी में अब तक 3250 एमटी ही पहुंची

भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 07 Nov 2024 05:50 PM IST

चरखी दादरी जिले में वीरवार को एक भी पैक्स समिति कार्यालय में डीएपी खाद नहीं पहुंची। वहीं, खाद की खेप कब तक आएगी, इसकी जानकारी भी फिलहाल स्थानीय अधिकारियों को नहीं है। अब तक जिले में 3250 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है जबकि इस माह में 12 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है। ऐसे में अब तक कुल की 27 फीसदी खाद ही किसानों को मिल पाई है। बता दें कि जिला में जमींदारा सोसायटी, ईफको केंद्र, पैक्स समितियों के माध्यम से डीएपी का ही वितरण किया जाता है। डीएपी की आवक कम होने की वजह से दिक्कत बन रही है। जिले में विभिन्न गांवों में 16 पैक्स समितियां हैं। वीरवार को लगातार दूसरे दिन भी 16 में से किसी पैक्स समिति पर खाद की खेप नहीं पहुंच पाई। दरअसल, जिले का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 358 हेक्टेयर क्षेत्र है। इस बार रबी सीजन में सरसों की बिजाई का आंकड़ा 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने की उम्मीद है। इसी प्रकार गेहूं का रकबा भी 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंचने की संभावना है। किसानों ने सरसों की बिजाई का कार्य तो तकरीबन पूरा कर लिया है जबकि गेहूं की बिजाई इसी माह होनी है। खाद की किल्लत कई दिनों से बनी है। सितंबर में शुरू हुआ था खाद वितरण दादरी जिले में सितंबर माह में ही खाद का वितरण कार्य शुरू हो गया था। अब तक जिले में 3250 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंची है, जबकि नवंबर माह में 12 हजार मीट्रिक टन की जरूरत है। विभाग ने इसी अनुरूप नवंबर माह की डिमांड भेजी थी। किसानों के लिए ये भी हैं विकल्प कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी खाद भी हैं। काफी संख्या में किसान एनपीके व एसएसपी का इस्तेमाल भी करने लगे हैं। किसानों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी चार दिन से सासायटी के चक्कर लगा रहा हूं। मुझे खेत के लिए चार बैग डीएपी की जरूरत है। लाइन लंबी होने के कारण मंगलवार शाम को घर चला गया। बुधवार को आया तो खाद खत्म होने की जानकारी मिली और आज भी खाद नहीं पहुंची है। अब खाली हाथ घर जाना पड़ेगा। -नरेश कुमार, रानीला बास तीन बार दादरी आया हूं डीएपी लेने के लिए, लेकिन कभी भीड़ रहती है और कभी खाद नहीं मिलती। पूरा दिन इंतजार करके घर लौटा हूं। मुझे एक बैग की जरूरत है। आज भी खाद नहीं मिली और अब पता नहीं कब खाद आएगी और कब फसल बिजाई होगी। -रत्न सिंह, मिसरी अगले कुछ दिनों के लिए भी संशय बना हुआ है। किसानों के लिए डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके,एसएसपी खाद उपलब्ध है। -कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग

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