खानपुर गांव की नई चौपाल में “मेरा गांव मेरी शान” के तहत अमर उजाला की ओर से चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। मुख्य समस्याओं में पशुओं के स्वास्थ्य का मुद्दा प्रमुख रहा। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सक डॉ. विनय पुनिया से पशुओं में होने वाली बीमारियों और उनकी देखभाल को लेकर सवाल पूछे। डॉ. पुनिया ने ग्रामीणों को पशुओं के टीकाकरण और बीमारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुओं को मुंहपका (एफएमडी) एवं गलघोटू (एचएस) जैसी गंभीर और संक्रामक बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग 11 मई से 11 जून 2026 तक विशेष संयुक्त टीकाकरण अभियान चलाएगा। “पशु सुरक्षा चक्र” नामक इस अभियान के तहत सभी पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बार टीकाकरण के दौरान पशुपालक का आधार नंबर लिया जाएगा और ओटीपी सत्यापन के बाद ऑनलाइन जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे सभी पशुओं के टीकाकरण का रिकॉर्ड अस्पताल के पास उपलब्ध रहेगा। गांव की महिलाओं ने भी चौपाल में भाग लेकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने मुख्य रूप से पीने के पानी की समस्या अधिकारियों के सामने उठाई। महिलाओं ने बताया कि पानी की सप्लाई की पाइप जगह-जगह से टूटी हुई हैं, जिसके कारण नालियों का गंदा पानी सप्लाई में मिल जाता है और घरों तक पहुंचता है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा गलियों के पुनर्निर्माण, नई गलियों को पक्का करने, जोहड़ों से गंदे पानी की निकासी और जोहड़ों में साफ पानी उपलब्ध करवाने की मांग भी महिलाओं ने खुलकर रखी। ग्रामीणों ने बदरो (ड्रेन) के खुले होने की समस्या भी बताई। उन्होंने कहा कि इसमें पशुओं और बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने इसे ढकने की मांग की। सरकारी भवनों की खस्ता हालत पर भी चर्चा हुई। इसमें बजट के अभाव की बात सामने आई। पंच मोरध्वज और सुनील ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि गांव के विकास के लिए वे सदैव तत्पर हैं।