जिला प्रशासन की ओर से गांव महलाना से गुजरने वाली नहर में बाढ़ आपदा पर मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष नेहा सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल स्थापित करना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करना रहा। अभ्यास के तहत लघु सचिवालय में बने कंट्रोल रूम में सूचना प्राप्त हुई कि गांव महलाना के पास से गुजरने वाली नहर में तीन व्यक्ति डूब गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम तुरंत सक्रिय हुई और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ व जिला आपदा प्रबंधन के जवानों ने विशेष रेस्क्यू उपकरणों एवं मोटरबोट की सहायता से नहर में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों को तुरंत प्राथमिक उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाई। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से गांव महलाना में बनाए गए स्टेजिंग एरिया पहुंचाया जहां से उन्हें सिविल अस्पताल में बनाए गए हेल्थ कंट्रोल सेंटर पहुंचाया गया। उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि हर वर्ष मानसून सीजन के दौरान बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से पहले से तैयारियां सुनिश्चित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में नहरों, ड्रेनों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास सावधानी बरतें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।