सोनीपत में जैन मुनि उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि गांव मोहम्मदाबाद स्थित 5 जनवरी 2025 को भगवान पार्श्वनाथ की जन्म जयंती मनाई जाएगी। साथ ही प्रियांशु महाराज की भी जयंती है। इसके अलावा सुदर्शन महाराज को संयम दीक्षा ग्रहण किए 25 वर्ष हो चुके है। इनकी दीक्षा रजत जयंती भी मनाई जा रही है। इस दिन गांव मोहम्मदाबाद स्थित भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में कलशारोहण का कार्यक्रम किया जाएगा। कार्यक्रम में हरियाणा, दिल्ली, पंजाब सहित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर से भी श्रद्धालु व गुरु भक्त पहुंचेंगे। जैन मुनि उपेंद्र मुनि महाराज गांव मोहम्दाबाद स्थित भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि भगवान पार्श्वनाथ मंदिर में चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से नवनिर्मित अस्पताल के भवन का उद्घाटन किया जाएगा। अस्पताल के शुभारंभ के साथ आसपास क्षेत्र के लोग 30 से 60 रुपये में इलाज सहित दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि संत-मुनियों का जीवन राजनीति से दूर है। उनका न तो भाजपा, न ही कांग्रेस व न ही किसी अन्य पार्टी से संबंध है। उनकी सोच है कि संसार के मनुष्य सुख-शांति से जीवन व्यतीत करें। देश में सुख-शांति बनी रहे। अव्यवस्था का माहौल न बने। राज में कोई भी पार्टी आए, लेकिन देश में सुख-शांति प्रथम है। संसद भवन की घटना पर उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि इससे पहले दिल्ली की विधानसभा में थप्पड़ मारने की घटना हुई थी। देश में ज्यादातर राजनेताओं को राजनीति का ज्ञान नहीं है, वह पैसों के बलबूते पर चुनाव जीतकर आए हैं। उन्होंने नीति शतक, वैराग्य, नीति शास्त्र व विदुर नीति का अध्ययन किया है। इनके हिसाब से राजनीति बहुत बड़ा धर्म है। इसको निभाना जरूरी है। कई सांसदों व विधायकों को नहीं राजनीति का ज्ञान उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि जरूरत के समय कांग्रेस के पास विदेश भेजने के लिए योग्य उम्मीदवार नहीें था तो उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को भेजा। वर्तमान समय में बहुत कम लोग संसद में हैं, जिन्हें राजनीति का ज्ञान है। कई सांसदों व विधायकों से नीति शास्त्र के पढ़ने पर बातचीत की गई तो उन्होंने इन किताबों का ज्ञान ही नहीं है। आज के नेताओं को भाषा का ही ज्ञान नहीं है। वह आपस में ही अभद्र व्यवहार करते नजर आते हैं। संसद व विधानसभाओं में वहीं राजनेता पहुंचने चाहिए, जिनके पास राजनीति करने की योग्यता है, ज्ञान है। मंदिर-मस्जिद का झगड़ा बहुत प्राचीन मंदिर-मस्जिद के मामलों पर उपेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि यह मंदिर-मस्जिद का झगड़ा बहुत प्राचीन है। इसमें साढ़े चार लाख लोग जान गंवा चुके हैं। उन्होंने डिजिटल दुनिया में मोबाइल प्रयोग पर भी कटाक्ष किया। मुनि महाराज ने कहा कि सभी वर्गों की जिंदगी मोबाइल के कारण बर्बाद हो रही है। ऑस्ट्रेलिया की संसद ने तो प्रस्ताव भी पास किया है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे के पास मोबाइल नहीं होगा।