हर गर्भवती महिला के लिए आरसीएच आईडी बनवाना जरूरी है। यह 12 अंकों की एक पहचान संख्या होती है, जिसमें महिला और बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी दर्ज रहती है। डॉ छवि द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरसीएच आईडी का पूरा नाम प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य है। यह आईडी सरकारी पोर्टल पर बनाई जाती है, जिससे गर्भवती महिला और बच्चे के टीकाकरण, जांच और इलाज की पूरी निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि गर्भ पंजीकरण होने के बाद संबंधित एएनएम द्वारा आरसीएच 2.0 पोर्टल पर यह आईडी बनाई जाती है। यह पूरी तरह से निःशुल्क होती है और किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या आयुष केंद्र पर बनवाई जा सकती है। इस आईडी का उपयोग अल्ट्रासाउंड, प्रसव और टीकाकरण के रिकॉर्ड रखने में किया जाता है। साथ ही इसे आभा आईडी से भी जोड़ा जाता है, जिससे सभी स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहता है। डॉ छवि ने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं को शुरुआत में ही आरसीएच आईडी बनवा लेनी चाहिए, ताकि आगे चलकर किसी भी तरह की परेशानी न हो और समय पर सभी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।