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VIDEO : सोनीपत में एमएसपी की मांग पर किसानों ने सांसद निवास पर दिया सांकेतिक धरना

नवीन दलाल Updated Mon, 09 Dec 2024 01:35 PM IST

भारतीय किसान नौजवान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सहित 12 सूत्रीय मांगाें को लेकर सेक्टर-15 स्थित सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के निवास पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। यूनियन के जिला प्रधान वीरेंद्र ने कहा कि किसान वर्ग 13 फरवरी से चले आ रहे आंदोलन के मुद्दों को उठा रहा है। सरकार की नीति है कि इस आंदोलन को केवल पंजाब तक सीमित रखा जाए, लेकिन हरियाणा का किसान वर्ग ऐसा होने नहीं देगा। हरियाणा-पंजाब का किसान वर्ग एक है। धरने पर किसानों ने विपक्ष मुर्दाबाद के नारे लगाए। यूनियन के ब्लॉक प्रधान बेदी ने कहा कि किसानों की एमएसपी सहित सभी मांगों को पूरा किया जाए। इसी को लेकर किसानों ने पहले भी 13 माह तक आंदोलन किया था। किसान अपनी मांगों को लेकर कब तक इंतजार करेगा। यह आंदोलन केवल पंजाब का नहीं, बल्कि हरियाणा के किसानों का भी है। किसान एमएसपी सहित सभी मांगों को लागू करवा कर रहेंगे। अन्यथा किसानों का धरना जारी रहेगा। प्रशासन किसानों पर चाहे गोली चलाए, लाठीचार्ज करे, लेकिन किसानों का धरना जारी रहेगा। आज किसानों ने देशभर के सांसदों के निवास पर एक दिवसीय धरना दिया है। आगामी जो निर्देश होंगे, उसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा। शंभू व खनौरी बॉर्डर पर एकजुट हैं हरियाणा-पंजाब के किसान युवा जिला प्रधान प्रवीन दहिया ने कहा कि किसान 10 महीने से शंभू, खनौरी व रतनपुरा बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि किसान खुशहाल हैं। उन्हें फसलों का भरपूर भाव दिया गया है, लेकिन किसानों की फसल मंडियों में उड़ रही है। किसान मंडी व घरों में फसल नहीं रख पा रहे हैं। किसानों पर फूल की आड़ में गोली चलाना यह कौन सा लोकतंत्र है। अब विपक्ष भी अपनी बात से मुकर रहा है। हरियाणा से दिल्ली कूच करने पर किसानों को घर में ही नजरबंद कर लिया जाता है, जबकि हरियाणा का किसान शंभू व खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के किसानों के साथ एकजुट है। आदेश पर हरियाणा से भी दिल्ली कूच कर सकते हैं किसान जिला प्रधान वीरेंद्र ने कहा कि अगर किसान यूनियन के पदाधिकारियों का आदेश होगा तो किसान वर्ग हरियाणा से भी दिल्ली की ओर कूच करेगा। आज किसानों का धरना इसलिए दिया गया है कि विपक्ष ने किसानों को प्राइवेट बिल लाने का वादा किया था, लेकिन विपक्ष ने भी अपना वादा पूरा नहीं किया। दोनों सत्र में किसानों की मांगों को नहीं रखा गया। आज किसानों का देशभर में आंदोलन रखा गया है। अगर किसानों को अंबाला से पैदल दिल्ली कूच नहीं करने दिया गया तो किसान वर्ग पदाधिकारियों के निर्देश पर हरियाणा से भी दिल्ली की ओर कूच करेगा। किसानों की सरकार से यही मांग है कि वर्ष 2020-21 में उनसे किए गए वादों को पूरा किया जाए। किसानों की सरकार से कोई नाराजगी नहीं है, लेकिन उनसे किए गए वादों को जल्द पूरा किया जाए।

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