सोनीपत। नीट परीक्षा लीक प्रकरण को लेकर शुक्रवार को सुभाष चौक पर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद युवा सुभाष चौक से एटलस रोड तक विरोध मार्च निकालते हुए आगे बढ़े। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य प्रभावित हो रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुभाष चौक और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और यातायात व्यवस्था भी सुचारु बनाए रखी गई। प्रदर्शन कर रही आशा चौधरी ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक देश है। यहां प्रदर्शन करने पर लाठीचार्ज हो रहा है जो गलत है। पुलिस इंस्पेक्टर महिलाओं पर हाथ उठा रहे है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को धर्मेंद्र प्रधान को त्यागपत्र देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान से जोड़ा जा रहा है। अक्षित ने कहा कि पेपर लीक के मामले में न्याय होना चाहिए। पेपर लीक से परेशान जो छात्र आत्महत्या कर चुके है उन्हें न्याय मिलना चाहिए। देश को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा दिलाई जाए तथा युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं पर भरोसा कायम रखने के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था लागू की जाए।