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VIDEO : सिरसा में सरकारी बसों में लटक कर यात्रा करने पर मजबूर विद्यार्थी, प्राइवेट बस ओप्रेटर नहीं मानते पास

सिरसा में प्राइवेट बस ऑपरेटरों द्वारा बस पास मान्य नहीं करने के कारण गांवों से शहर में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को सरकारी बसों में लटक कर यात्रा करनी पड़ रही है। रोडवेज डिपो के ट्रैफिक मैनेजर सुधीर कुमार का कहना है कि सरकार ने गांवों से शहर में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिए निशुल्क पास की योजना लागू की हुई है। गांव से लेकर 150 किलोमीटर के दायरे में जहां भी विद्यार्थी पढ़ता है,उसे रोडवेज विभाग की ओर से पास जारी किया जाता है। इसके तहत वह रोडवेज व सोसायटी की बसों में निशुल्क यात्रा कर सकता है। अगर कोई बस ऑपरेटर बस पास को मान्य नहीं करता तो उसके खिलाफ आरटीए को शिकायत की जा सकती है। आरटीए शिकायत पर तुरंत एक्शन लेगा। ट्रैफिक मैनेजर सुधीर कुमार ने बताया कि अगर विद्यार्थी आरटीए के पास नहीं जा सकते तो बस अड्डे में आकर शिकायत दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह साढ़े सात बजे से 9 बजे तक और दोपहर को 12 बजे से तीन बजे तक विद्यार्थियों का पिक टाइम होता है। इसी दौरान विद्यार्थी गांवों से शहर में पढ़ने और दोपहर को वापस अपने गांव बसों में लौटते हैं। रोडवेज की बसों में कई बार सवारियां फुल होती है। ऐसे में विद्यार्थी खिडक़ी पर लटक जाते हैं। विद्यार्थियों को ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह दूसरी बस का इंतजार करें या फिर प्राइवेट बस में यात्रा करें। अगर कोई प्राइवेट बस ऑपरेटर उन्हें रोकता है तो उसकी शिकायत आरटीए से करें। बता दें कि सिरसा डिपो में 185 बसें हैं। इनमें से रोजाना करीब 60 बसे बाहर ना इट सटे करती है और शेष बसें रात को डिपो में खड़ी हो जाती हैं।

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