ब्रातिस्लावा में आयोजित अंडर-20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की बेटियों ने दमदार प्रदर्शन कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। रविवार को टीम दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची, जहां खिलाड़ियों और कोच का परिजनों ने जोरदार स्वागत किया। टीम कोच मोरखेड़ी निवासी प्रदीप ओहल्याण का ग्रामीणों ने स्वागत किया। भारतीय महिला टीम ने 133 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 167 अंकों के साथ पहले और चीन 132 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। कोच प्रदीप ओहल्याण ने बताया कि भारत की झोली में कुल छह पदकों में से पांच हरियाणा की बेटियों ने जीते। हिसार की काजल ढोचक ने 76 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार दूसरी बार अंडर-20 विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल में उन्होंने चीन की जिगफू मन को एकतरफा अंदाज में 7-0 से हराया। उन्होंने बताया कि काजल की दबंग वाली कुश्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने एक भी अंक नहीं गंवाया और चार मुकाबलों में विरोधियों के खिलाफ 35-0 का स्कोर बनाया। 72 किलोग्राम में हिसार की तनु शर्मा ने फाइनल तक शानदार सफर तय किया, लेकिन जापान की चिसातो कोबायाशी के खिलाफ 3-5 के हार के बाद उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। इसी तरह 68 किलोग्राम में जींद की मानसी लाठर और रोहतक की सविता दलाल ने भी फाइनल में जगह बनाकर रजत जीता, जबकि 62 किलोग्राम में रोहतक की सविता दलाल ने कांस्य जीता। दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान काला प्रधान, बलवान, नरेंद्र मास्टर, बिट्टू ओहल्याण, जसवीर, अनिल, पूर्व सरपंच मनजीत, दीपक राठौर, रवि सहरावत व पवन ओहल्याण आदि मौजूद रहे।