संवाद न्यूज एजेंसी रोहतक। गॉड ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज ब्राह्मणवास में छात्र पीयूष की 17 जुलाई को मौत के बाद प्रबंधन की लापरवाही को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज के बाहर एकत्र होकर न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि पीयूष की मौत के बाद 2 दिन तक बॉडी कॉलेज में पड़ी रही। अंतिम संस्कार में न तो कोई शिक्षक गया और न ही कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई मदद मिली। छात्रों ने बताया कि बॉडी को फ्रीजर तक उपलब्ध नहीं करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाने के लिए एंबुलेंस और अन्य इंतजाम भी छात्रों ने खुद किए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि भविष्य के डॉक्टर हैं। अगर हमारे साथ ही ऐसा व्यवहार होगा तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा। जब हम अपनी मांग लेकर आए कि पीयूष की पूरी फीस वापस की जाए और परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए तो हमसे बदतमीजी से बात की गई। आवाज उठाने वाले छात्रों के नाम भी नोट किए गए। छात्रों ने मांग की कि पीयूष की ओर से जमा की गई पूरी फीस और अतिरिक्त जुर्माना वापस किया जाए। परिवार को कॉलेज की तरफ से मुआवजा दिया जाए। भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं छात्रों ने कहा कि शिक्षकों और प्रबंधन से सहयोग के बजाय उन पर ही जिम्मेदारी डाली जा रही है कि तुम लोग करो, हम भी करेंगे"। लेकिन कोई पक्का आश्वासन नहीं दिया गया। छात्रों ने कहा एक मेडिकल स्टूडेंट इतना तो डिजर्व करता है कि कम से कम उसकी बॉडी सुरक्षित उसके माता-पिता तक पहुंचे।