संवाद न्यूज एजेंसी रोहतक। निजी अस्पताल के बाहर सोमवार को मरीज के परिजनों व बिजली निगम कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के कारण उनके मरीज की हालत बिगड़ गई। सड़क पर बैठकर कर्मचारी और परिजन धरने पर बैठ गए। पीड़ित की पत्नी हेमलता ने बताया कि 11 तारीख को उनके पति संदीप को गिरने के कारण चोट लगी थी। लिवर फट गया था, कूल्हे की हड्डी टूटी थी और 3 पसलियां भी टूट गई थीं। डॉक्टरों ने कहा था पहले लिवर का इलाज होगा, बाद में हड्डी का ऑपरेशन। हेमलता ने बताया कि रात 12 बजे के बाद मरीज को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया और सुबह 5 बजे वापस लाया गया। तब मरीज बेहोश था और दाहिनी तरफ चीरा लगा हुआ था, जबकि इंजरी बाईं तरफ थी। परिजनों ने कई बार डॉक्टरों को बुलाने की कोशिश की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने ने मांग की कि लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रखेंगे। मौके पर पुलिस भी मौजूद रही और मामले की जांच का आश्वासन दिया।