मेडिकल मोड स्थित देवी लाल पार्क में शुक्रवार को अनुंबंधित कर्मचारियों की ओर से महासम्मेलन का आयोजन किया गया। महासम्मेलन में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य संगठनों ने शामिल होकर पीजीआई प्रशासन के खिलाफ करीब दो घंटे प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी संगठन व अनुंबंधित कर्मचारी मेडिकल मोड से अर्ध नग्न होकर पीजीआई प्रशासन,प्रदेश सरकार व ठेकेदार मुद्दा बाद के नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। जहां पहले से मौजूद पुलिस ने अनुंबंधित कर्मचारियों व संगठनों को लघु सचिवालय के अंदर जाने से रोका दिया। अंदर जाने से रोकने पर कर्मचारी व अन्य संगठनों ने सड़क जाम कर दी। मामले की सूचना पर पीजीआई थाना प्रभारी रोशन लाल, आर्य नगर थाना प्रभारी बिजेंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन कर्मचारी व संगठन ने सरकार मुद्दा बाद के नारेबाजी करते हुए तीन घंटे सड़क जाम कर दिया। एडीसी नरेंद्र कुमार से मुलाकात कर कर्मचारियों को एचकेआरएम में शामिल करने की मांग की। इसके बाद एडीसी ने 10 अगस्त तक कर्मचारियों को एचकेआरएम में शामिल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान नेता के नेतृत्व में जाम खोल गया। किसान नेता नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अनुंबंधित कर्मचारियों को धरना देते हुए दो माह गुजरा गया। सरकार व पीजीआई प्रशासन की ओर से इनको एचकेआरएम में शामिल नहीं किया गया। इसीलिए सभी संगठनों ने कर्मचारियों की मांग पूरी होने के लिए अर्ध नग्न होकर प्रदर्शन किया है। लेकिन एडीसी ने आश्वासन देते हुए कहा है कि सरकार की तरफ से कर्मचारियों की मांगों को पूरा कर दिया गया। 10 तरीके तक सभी कर्मचारियों को एचकेआरएम में शामिल कर दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं होती तो 11 अगस्त को किसान संगठनों की ओर से सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सरकार के साथ झगड़े होते है किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने ने कहा कि हमारा किसी कर्मचारियों से झगड़ा नहीं है। हम सिर्फ लोगों को न्याय दिलाने के लिए सरकार से झगड़ते है। ठेका कर्मचारियों ने किसान महिला नेता की कार जो हमला किया था। उसे पर वह लोगों माफी मांगने के लिए तैयार है। अगर माफी मांग लेते है तो इस मामले को खत्म कर दिया जाएगा।