समय बदलने के साथ लोगों की सोच बदली तो है लेकिन राजस्थान के कुछ इलाके में अब भी भेदभाव जारी है। राजस्थान के कुछ इलाकों में एससी वर्ग के दूल्हे को घोड़ी पर चढ़ने नहीं दिया जाता है। यही वजह है कि खैरथल तिजारा जिले के कोटकासिम में तीन थानों की पुलिस ने एक एसी युवक की बरात निकलवाई। राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले के कोटकासिम इलाके में आशीष ने वर्षों से चली आ रही परंपरा को वीरवार को तोड़ दिया। गांव के एससी समाज का कहना है कि लाहडोद गांव में किसी भी दलित को दूल्हे के रूप में घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया जाता था, लेकिन आशीष ने इस परंपरा को तोड़कर घोड़ी पर बैठकर गांव से बारात निकाली। बारात निकालने को लेकर आशीष ने परिवार के साथ कोटकासिम थाने में अर्जी दी थी। तीन थानों के एसएचओ के साथ भारी पुलिस लाहडोद गांव पहुंचा और पुलिस की मौजूदगी में घोड़ी पर बारात निकाली गई।