नागरिक अस्पताल कोसली में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में आवश्यक दवाइयों, जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों और लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। अस्पताल में महिला विशेषज्ञ की नियुक्ति के बाद क्षेत्र की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन संसाधनों की कमी ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं। गर्भवती महिलाओं का कहना है कि अस्पताल में केवल आयरन की दवाइयां ही उपलब्ध हैं, जबकि अन्य जरूरी और महंगी दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं खून और एचआईवी जांच भी निजी लैब में करवानी पड़ रही है, जिससे मरीजों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे बड़ी समस्या एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी को लेकर सामने आ रही है। ऑपरेशन से होने वाली डिलीवरी के मामलों में एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब 50 प्रतिशत मरीजों को रेवाड़ी या रोहतक रेफर करना पड़ रहा है। कई बार प्रसव पीड़ा में महिलाओं को दूसरे शहरों तक ले जाना परिवारों के लिए मुश्किल और जोखिम भरा साबित होता है। आवश्यक जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत: अस्पताल में लंबे समय बाद महिला विशेषज्ञ डॉ. प्रीति की नियुक्ति हुई थी, लेकिन उनकी ड्यूटी भी सप्ताह में केवल तीन दिन ही रहती है। डॉ. प्रीति ने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यदि आवश्यक जांच किट और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो जाएं तो अधिकतर मामलों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह अस्पताल के लिए पांच डॉक्टरों की नियुक्ति की थी, लेकिन एक भी डॉक्टर ने ज्वाइन नहीं किया। इनमें से तीन डॉक्टरों ने अन्य स्थानों पर तबादला भी करवा लिया। डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कभी दवाइयां नहीं मिलतीं तो कभी डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते: ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में कभी दवाइयां नहीं मिलतीं तो कभी डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते। अस्पताल में एक्स-रे मशीन लगी होने के बावजूद मरीजों को अक्सर फिल्म नहीं है कहकर लौटा दिया जाता है। पिछले कई महीनों से यही स्थिति बनी हुई है। लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि अस्पताल में जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए और आवश्यक दवाइयों व जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं को राहत मिल सके और उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अस्पताल में इलाज के लिए गया था, पता चला कि डॉक्टर नहीं है। अब दोबारा आउंगा ही नही। ओमबीर दवाई मिलती नहीं है, फिर कहते हैं कि बाहर से दवाई लेकर आओ। डॉक्टर जल्दी मिलते नही हैं। काफी समस्या नहीं है। राजविजय तंवर कोसली अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। एक्सरे जल्दी होते नहीं है। दवाईयां मिलती नहीं है काफी समस्या हो रही है। होशियार सिंह, नम्बरदार अस्पताल की हालत खराब है। ना दवाईयां मिलती है ना डॉक्टर मिलते है। इस पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। हरिश बिड़ला एचआईवी जांच किट अब उपलब्ध हो गई है तथा अन्य दवाइयों की मांग उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ फिलहाल निजी कारणों से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन जल्द समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। विक्रम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल कोसली।