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रेवाड़ी में मामूली बारिश में बहा नाला, अब सैंपलिंग से खुलेगा निर्माण का सच

अनाज मंडी के पास रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) के तहत बनाए गए नाले में अनियमितताओं को लेकर 23 मार्च को प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी ने नगर परिषद अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की जांच के आदेश दिए। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए इस नाले और चैंबर का उद्देश्य अनाज मंडी में हर साल होने वाले जलभराव को रोकना था। लेकिन निर्माण के महज एक महीने बाद ही हल्की बारिश में नाला बह गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। अनियमितताओं के लगे गंभीर आरोप: स्थानीय व्यापारियों और आढ़तियों ने आरोप लगाया था कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। उनका कहना है कि नाले के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते हल्की बारिश में ही पूरा ढांचा जवाब दे गया। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। खबर के बाद अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी नगर परिषद की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाले के विभिन्न हिस्सों से सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जिससे निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता का पता लगाया जा सके। जलभराव रोकने के लिए बनाया गया था प्रोजेक्ट: अनाज मंडी में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। इसी समस्या के समाधान के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट के तहत यह नाला और चैंबर बनाए गए थे, ताकि बारिश के पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। डीसी के निर्देश पर जांच जारी: उपायुक्त अभिषेक मीणा के निर्देश पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, लेकिन यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी। - राहुल मोदी, एडीसी, रेवाड़ी

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