बावल। गांव जड़थल निवासी 21 वर्षीय अग्निवीर ध्रुव कुमार देश सेवा करते हुए शहीद हो गए। जून 2025 में अग्निवीर के रूप में भारतीय सेना में भर्ती हुए ध्रुव कुमार वर्तमान में प्रयागराज में तैनात थे। प्रशिक्षण से लौटते समय चट्टान से पैर फिसलने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शहादत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ध्रुव कुमार का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर करीब एक बजे तिरंगे में लिपटा हुआ गांव के निकट पहुंचा। जैसे ही ग्रामीणों को उनके पार्थिव शरीर के पहुंचने की सूचना मिली, बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। युवाओं ने शहीद ध्रुव अमर रहे और देशभक्ति के नारों के साथ बाइक रैली निकालकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। सामाजिक संगठनों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शहीद ध्रुव कुमार की शहादत को नमन किया। उन्हें सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मातमी धुन बजाई गई। ------------------ परिवार का इकलौता सहारा था ध्रुव ध्रुव कुमार बेहद हंसमुख और मिलनसार स्वभाव के थे। उनके पिता लंबे समय से बीमार रहते हैं, जबकि दादा-दादी भी बुजुर्ग हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। ध्रुव का एक छोटा भाई है और वह परिवार की आजीविका का प्रमुख सहारा थे। शहीद के अंतिम दर्शन के दौरान लोगों ने भावुक होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भाजपा मंडल अध्यक्ष हनुमान छाबड़ी, जिला पार्षद धर्मेंद्र खटाना, अशोक कुमार सहित आसपास के गांवों के अनेक लोग मौजूद रहे।