बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पार्टी ने कहा कि यह आत्महत्या सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि जातिवादी मानसिकता की गहरी जड़ें उजागर करने वाली घटना है। बसपा द्वारा जारी ज्ञापन में कहा गया है कि पूरण कुमार ने आत्महत्या से पूर्व अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट लिखा कि उन्हें उनकी जाति के कारण अपमानित किया गया। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी रोहतक नरेंद्र पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया है कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गंभीर अपराध बनता है। लक्ष्मी बाई, गोपाल सिंह ने मांग की है कि तत्काल गिरफ्तारी हो, जांच उच्चतम न्यायालय या राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की निगरानी में हो, और पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही हाल में मुख्य न्यायाधीश पर हुए जूता फेंकने की घटना की भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।