पानीपत। विकास, पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भारतीय संत परंपरा के महान समाज सुधारक और निर्गुण भक्ति आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे। उन्होंने ऐसे समय में समाज को प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया जब सामाजिक भेदभाव चरम पर था। मंत्री ने बताया कि वाराणसी से प्रारंभ हुई पवित्र कलश यात्रा देश के 27 संगठनात्मक जिलों से होकर गुजर रही है। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन न होकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का राष्ट्रीय अभियान है। 30 जुलाई को गुरुग्राम के सरसोल बॉर्डर पर इस यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। जिसके बाद कलश को श्री शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी बुधवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता में दी। कृष्णलाल पंवार ने कहा कि संत रविदास ने बेगमपुरा नामक एक ऐसे आदर्श समाज की कल्पना की थी जहां कोई दुख, भय, अन्याय या भेदभाव न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य की महानता उसके जन्म से नहीं, बल्कि कर्म और विचारों से तय होती है। मीराबाई जैसी महान शिष्या भी उनकी शिक्षाओं से प्रभावित थीं। कुरुक्षेत्र में 124 करोड़ से बनेगा रविदास धाम कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार महापुरुषों की विरासत को सहेजने का काम कर रही है। इसी कड़ी में कुरुक्षेत्र के उमरी में पांच एकड़ भूमि पर 124 करोड़ रुपये की लागत से भव्य गुरु रविदास धाम का निर्माण कराया जा रहा है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए आध्यात्मिक व सांस्कृतिक केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से 1.50 लाख युवाओं को बिना पर्ची-बिना खर्ची के मेरिट के आधार पर नौकरी दी हैं। सरकार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ काम कर रही है।