जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों का ऑपरेशन थियेटर में जाना और उनके स्थान पर दूसरा चिकित्सक न मिलना या इंटर्न मिलना मरीजों की मर्ज को बढ़ा रहा है। अस्पताल में मरीजों को घंटों लाइन में लगकर या फर्श पर बैठकर चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ ही ओपीडी इंटर्न के भरोसे ही चल रही है। मंगलवार को अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ होने से ओपीडी 1835 रही। इनमें जरनल सर्जन, आर्थोपेडिक्स और नेत्र रोग विशेषज्ञ के करीब 400 मरीज बैरंग लौटे। अस्पताल में दवा न मिलने से मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने पर जेब ढीली करनी पड़ रही है। मौसम बदलाव के साथ जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी भी बढ़ गई है। मंगलवार को अस्पताल की ओपीडी 1835 रही। इसमें ज्यादातर चर्म रोग विशेषज्ञ, ईएनटी (कान-नाक और गला) और फिजिशियन के मरीज रहे। वहीं मरीजों को जरनल सर्जन, आर्थोपेडिक्स और नेत्र रोग विशेषज्ञ ओटी में होने के कारण उनके करीब 400 मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। जरनल सर्जन व आर्थो कक्ष में इंटर्न ने कुछ मरीजों की जांच की जबकि कुछ बिना जांच के ही दोपहर दो बजे तक चिकित्सक का इंतजार करके लौट गए। शिव चौक निवासी माया ने बताया कि उसके पैर में दर्द होने के कारण वह हड्डी रोग विशेषज्ञ से जांच के लिए सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंची। पंजीकरण करवाने में उसे 20 मिनट का समय लगा। चिकित्सक के कक्ष में इंटर्न बैठे थे। उन्होंने करीब दो घंटे डेढ़ बजे तक फर्श पर बैठकर चिकित्सक का इंतजार किया लेकिन चिकित्सक न आने से उन्हें बिना इलाज व दवा के ही लौटना पड़ा। अब उन्हें बुधवार को फिर से अस्पताल जाना पडे़गा।