पानीपत में नशा बहुत अधिक प्रचलन में है। युवा शौकियां तौर पर नशे का सेवन करते हैं फिर वह धीरे धीरे इस दलदल में फंस रहे हैं। जो युवा नशा छोड़ नया जीवन जीना चाहते हैं उनकी इस चाहत पर सरकार का कोई खास ध्यान नहीं है। जिले में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र नाम मात्र का ही है। यहां एक मनोरोग विशेषज्ञ को छोड़ दें तो नशा मुक्ति केंद्र के लिए न तो कोई काउंसलर है और न ही नर्सिंग ऑफिसर। जिला नागरिक अस्पताल के चौथे तल पर एक कमरे में छह बेड लगाकर उसे नशा मुक्ति केंद्र का नाम दिया है। इसमें आमतौर पर डेंगू या अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज दाखिल होते हैं। पिछले दो माह से तो यहां एक भी नशे का आदी युवा यहां भर्ती नहीं हुआ है। एक साल में यहां महज 44 रोगी ही भर्ती हुए हैं।