सावन के पावन महीने के तीसरे मंगलवार को जिलेभर के शिवालयों और मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। हर-हर महादेव और माता मंगलागौरी के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। भक्तों ने मंदिरों में विशेष मंगला आरती में हिस्सा लिया और जल, दूध, बेलपत्र व फूल चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों सनातन धर्म मंदिर मॉडल टाउन, सनातन धर्म शिव मंदिर सेक्टर 11, प्राचीन देवी मंदिर तथा श्री राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी में तड़के से ही पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लग गईं। मंदिरों में महिलाओं ने मां मंगलागौरी का श्रृंगार कर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। श्री राधा कृष्ण मंदिर दत्ता कॉलोनी के पुजारी आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन का हर मंगलवार मां पार्वती के ‘मंगलागौरी स्वरूप’ को समर्पित होता है। उन्होंने सावन के मंगलवार का महत्व बताते हुए कहा कि सावन में सोमवार को भगवान शिव की पूजा का जितना महत्व है, उतना ही फलदायी मंगलवार का मंगलागौरी व्रत माना गया है। यह व्रत वैवाहिक जीवन में प्रेम, अखंड सौभाग्य और संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी करता है। शास्त्रों के अनुसार, जो भी श्रद्धालु निष्ठापूर्वक सावन के मंगलवार को पूजा-अर्चना करते हैं, उनके जीवन से दरिद्रता और गृहक्लेश हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं। सुबह के समय पूजा-अर्चना के इस दौर के बाद मंदिरों में महाप्रसाद का वितरण किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।