आशा वर्कर्स यूनियन ने सोमवार को सीटू जिला कमेटी के नेतृत्व में अपनी मांगों के लिए जीटी रोड पर जुलूस निकाल जिला नागरिक अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक के नाम पर डिप्टी सीएमओ डॉ. सुभाष को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त और आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान बंटी ने बताया कि आशा वर्कर्स की मुख्य मांगे हैं भारत के 45-46 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार आशा वर्कर्स यूनियन को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, न्यूनतम वेतन तीस हजार रुपये किया जाए, सेवानिवृत्ति पर ग्रेजुएट इंग और दस हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए, ऑनलाइन काम का दबाव बंद किया जाए, स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकर्ताओं और सुविधा दाताओं के लिए पदोन्नति की नीति बनाई जाए और वरिष्ठता के आधार पर आशा वर्कर को एएनएम भर्ती किया जाए, आशा वर्कर्स से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा निर्धारित कार्यों के अलग अतिरिक्त कोई कार्य न लिया जाए, ड्यूटी पर तैनात आशा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। ऑनलाइन काम के लिए आशा वर्कर्स को अच्छी गुणवत्ता वाले टैबलेट, डाटा पैक, नेटवर्क और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएं और ऑनलाइन काम के लिए अलग से आशा वर्कर्स को पैसे दिए जाएं। इससे पूर्व आशा कार्यकर्ता गीता कॉलोनी स्थित सीटू कार्यालय में एकत्रित हुई। यहां से जुलूस के रूप में विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला नागरिक अस्पताल पहुंची। इस दौरान जीटी रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। इस अवसर पर उप प्रधान मनजीत, सचिव सुनीता, पूर्व प्रधान नन्ही, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अमरीश त्यागी व जिला सचिव शिव कुमार उपस्थित रहे।