भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने समालखा नई अनाज मंडी में धान खरीद में धांधली के आरोप लगा तेल डालकर एक ढेरी में आग लगा दी। वहीं सहकारी विपणन समिति ( दी कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी) के कार्यालय पर कर्मचारियों को बाहर निकाल कुंडी लगा दी। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू ने समाधान नहीं करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। भाकियू के जिला प्रधान सूरजभान रावल ने बताया कि पिछले आठ दिनों से पीआर धान की सरकारी खरीद ठप पड़ी हुई है। किसानों को मंडियों में धान बेचने के बावजूद उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियों और आढ़तियों की मिलीभगत से किसानों की धान मात्र 1900 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है, जबकि सरकारी समर्थन मूल्य 2369 व 2389 रुपये तय है। इस कारण किसानों को प्रति क्विंटल करीब 469 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एजेंसी अधिकारी उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। इससे अच्छा तो किसान अपनी धान को आग लगा दें। समालखा चौकी प्रभारी अनिल और हैफेड के प्रबंधक आजाद सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि एजेंसियों के आते ही धान की खरीद की जाएगी। वे धान खरीद से मना नहीं कर रहे हैं। किसानों ने हैफेड कार्यालय को ताला लगा दिया और धान की छोटी ढेरी में आग लगा दी। मार्केट कमेटी कर्मचारियों आग बुझाई। जब तक धान राख हो चुकी थी।