देश में होने वाली 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी। पलवल में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि इस बार जनगणना में मोबाइल ऐप्लीकेशन और सेंसेस मैनेजमेंट व मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) के माध्यम से डेटा संग्रह और मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ेगी।