जिले की सबसे प्राचीन श्रीरामलीला परिषद में 19 सितंबर से दो अक्तूबर तक 75वीं बार भगवान श्रीराम की मानवीय लीलाओं का मंचन किया जाएगा। शहर के 75 कलाकार विभिन्न किरदारों में नजर आएंगे। पिछले चार सालों से भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले रविदत्त बीएस पास हैं और राजस्थान की चिड़ावा मंडी में सब्जी व्यापारी हैं। वहीं लक्ष्मण का अभिनय करने वाले जय सिंह बैंक में क्लर्क हैं। राम-लक्ष्मण दोनों सहपाठी रहे हैं तथा 26 साल पूर्व दोनों ने एक साथ मंचन में पदार्पण किया था। वहीं इस बार 12वर्षीय आठवीं कक्षा के छात्र अक्ष मिश्रा बाल राम तथा छह वर्षीय दक्ष मिश्रा बाल लक्ष्मण के किरदार निभाएंगे। पिछले 75 साल से रामलीला परिषद में मंचन जारी है। रामलीला अपने निजी कोष से सभी प्रकार की व्यवस्थाएं करती है। इसका स्वयं का भवन होने के साथ-साथ सभी प्रकार का साजोसामान भी है। प्रदेश की सबसे प्राचीन रामलीलाओं में भी श्रीरामलीला परिषद महेंद्रगढ़ की गिनती अग्रणी होती है। यहां के युवा कलाकार राष्ट्रीय स्तर के नाटकों में मुख्य किरदार भी निभाते हैं। 75 कलाकारों में 15 बाल कलाकार, 25 वरिष्ठ, 25 युवा व 10 बुजुर्ग कलाकार श्रीरामलीला परिषद के मंचन में किरदार निभाते हैं। श्रीरामलीला परिषद कलाकार प्रबंधक अमित मिश्रा ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व हांसी की रामलीला प्रदेश में सबसे आधुनिक रामलीला थी। इसके मंचन में तकनीक का सहारा लिया जाता था, लेकिन अब श्रीरामलीला परिषद प्रदेश में सबसे आधुनिक रामलीला है। इसमें पारसी थियेटर के आधार पर तकनीक का प्रयोग किया जाता है। काफी दृश्यों को एनिमेशन का प्रयोग किया जाता है। हनुमान जी का अशोक वाटिका उजाड़ना, जटायु रावण युद्ध, धनुष भंजन के दौरान परशुराम का क्रोधित होने के समय चिंगारियां निकलना आदि दृश्यों को तकनीक का प्रयोग होता है। श्रीराम के आदर्शों को जीवन में ढाला: पिछले चार सालों से लगातार भगवान राम का किरदार निभा रहा है। 26 सालों से मंचन का हिस्सा रहा तो भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में ढाला है। 13 दिनों के मंचन के दौरान आढ़त का काम भी छोड़ देते हैं लेकिन कभी व्यापार में हानि नहीं हुई। वर्ष 2022 के मंचन के दौरान चिड़ावा जाते समय सुरजगढ़ के पास भीष्ण हादसे में घायल हो गया था। एक हाथ नशें भी ब्लॉकेज हो गई थी। जब भरत मिलाप का समय आया तो उसी दिन सुबह भगवान राम से प्रार्थना की दोपहर को अचानक हाथ की सभी ब्लॉज खुलने का अहसास हुआ। जांच कराई तो सभी रिपोर्ट सही पाई। भरत मिलाप का दृश्य इतना दमदार हुआ कि दर्शकों को खूब पसंद आया। - रविदत्त, आढ़त व्यापारी 26 वर्ष पूर्व नशा ना करने की ली थी शपथ: श्रीरामलीला परिषद से पिछले 26 सालों में विभिन्न किरदार निभाए हैं। राम बनने वाले जय सिंह तथा वह दोनों सहपाठी रहे हैं। कक्षा छठी में पहली बार अभिनय किया था। प्रदेशभर के अनेक मंचों पर नाटकों में अभिनय किया है। पीएनबी बैंक बुचावास में क्लर्क के पद पर तैनाती है। जब पहली बार मंचन में अभिनय किया था तो एक नशे के विरुद्ध मंच पर कलाकारों के संदेश से उन्होंने जीवनभर नशा न करने का संकल्प लिया था। इस बार मंचन में अत्याधुनिक साउंड, लाइट व पर्दे के दृश्यों का मंचन होगा। - जयसिंह, बैंक क्लर्क अभिनय की बारीकियां सीख रहे हैं अक्ष मिश्रा: उनके दादा व पिता लंबे समय से रामलीला परिषद से जुड़े रहे हैं। विभिन्न किरदारों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा है। उन्हीं से प्रेरणा लेकर पहली बार भगवान श्रीराम के बाल रूप में अभिनय करेगा। प्रतिदिन तीन घंटे अभ्यास कर बारीकियां सीख रहे हैं। मंचन को लेकर उत्साह है तथा जब भी समय मिलता है तो भगवान श्रीराम के बाल रूप में किए जाने वाले संवाद का अभ्यास करना दिनचर्या का हिस्सा है। - अक्ष मिश्रा, आठवीं कक्षा का छात्र छह वर्षीय दक्ष मिश्रा को बाल लक्ष्मण का निभाएंगे किरदार: श्रीरामलीला परिषद में पहली बार मंचन में बाल लक्ष्मण का किरदार निभाएगा। बाल रूप में होने वाले संवाद के सभी डायलॉग याद हैं। प्रतिदिन वरिष्ठ कलाकारों के मार्गदर्शन में तीन घंटे रिहर्सल में भाग ले रहे हैं। पहली बार मंचन को लेकर काफी उत्साहित है।